Sipahi Ki Maa Subjective Question || Class 12th Hindi Chapter 2 Subjective Question

Sipahi Ki Maa Subjective Question

 

Q.मोहन राकेश का जन्म कब हुआ था ?

Ans. मोहन राकेश का जन्म 8 जनवरी 1925 को हुआ था |

Q. मोहन राकेश का मृत्यु (निधन) कब हुआ था ?

Ans. मोहन राकेश का मृत्यु (निधन) 3 दिसंबर 1972 को हुआ था |

Q. मोहन राकेश की माता-पिता का क्या नाम था ?

 Ans. मोहन राकेश के माता का नाम बच्चन और पिता का नाम करमचंद लाली था |


Sipahi Ki Maa Subjective Question Answer

 

Q 1.विशनी और मुन्नी को किसकी प्रतीक्षा है और वह डाकिए की राह क्यों देखती है ?

Ans.विशनी को अपने सिपाही पुत्र और मुन्नी को अपने सिपाही भाई की प्रतीक्षा है वह डाकिए की राह चिट्ठी आने को देखती है क्योंकि उसने पिछली चिट्ठी में लिखा था |कि वह वर्मा की लड़ाई पर जा रहे हैं मां और बेटी किसी अनिष्ट शंका के कारण चिठी का इंतजार करते हैं |

Q 2. विशनी मानक को लड़ाई में क्यों भेजती है ?

Ans.विशनी एक निम्न मध्यम वर्गीय परिवार की महिला है| उसे अपनी पुत्री मुन्नी की शादी के लिए पैसे की जरूरत है, वह मानव को पैसे कमाने के उद्देश्य से लड़ाई में भेजती है| यह एकांकी एक तरह से भारतीय समाज के विवाह परंपरा पर चोट भी करती है| जहां पैसे के कारण लड़कियों का विवाह नहीं हो पाता था | 

Q 3. मानक और सिपाही एक दूसरे को क्यों मारना चाहते हैं ? 

Ans. मानक बर्मा की लड़ाई में भारत की ओर से अंग्रेजों के साथ लड़ने गया था और दूसरी ओर जापान के सिपाही थे| सीना एक दूसरे की दुश्मन है क्योंकि यह अपने देश का प्रतिनिधित्व करते हैं| मानक और सिपाही अपने को एक दूसरे का दुश्मन समझते थे| इसलिए वे एक दूसरे को मारना चाहते थे |

Q 4. “मुन्नी की विवाह की चिंता ना होती तो मानक लड़ाई पर ना जाता और उसकी यह दशा ना होती यह चिंता किसी लड़ाई से कम नहीं है” क्या आप इस कथन से सहमत हैं ?

Ans. निम्न मध्यवर्गीय व्यक्ति के लिए उसकी सबसे बड़ी समस्या अधिक समस्या होती है वह मुनि के विवाह के कारण ही युद्ध पर जाता है| जिस समाज में बिना दहेज के, बिना पैसे के शादी ना हो वह समाज शापित है| हमें उस समाज से लड़ाई लड़ना चाहिए| इस सड़े हुए समाज को बदलने के लिए युद्ध के समान ही लड़ना होगा तब जाकर इसका हल निकलेगा| इसकी विवाह की चिंता किसी लड़ाई से कम नहीं है|

Q 5. विशनी मानक की मां है पर उसमें किसी भी सिपाही की मौत ढूंढा जा सकता है ऐसा क्यों ?

Ans.एकांकी के दूसरे भाग में विशनी के सपने में जो घटना  घटती है उसमें जो संवाद होता है उसमें विशनीमैं किसी की भी सिपाही की मां को ढूंढा जा सकता है| जब सिपाही मानक के पीछे पीछे विशनीके पास आता है तो वह उससे पूछता है कि तू उसकी क्या लगती है” विष्णु कहती है कि मैं उसकी मां हूं’ और मैं तुझे इसे  मारने नहीं दूंगी |तब सिपाही कहता है यह हजारों का दुश्मन है और सर इससे खोज रहे हैं| तब विशनीकहती है कि तू भी तो आदमी है तेरा भी घर द्वार होगा तेरी भी मां होगी, तू एक मां के दिल को नहीं समझता| मैं अपने बच्चे को अच्छी तरह से जानती हूं और जैसे ही मानक सिपाही| को मारने की कोशिश करता है तब विशनीमानक को रोकते हुए कहती है कि तू इसे नहीं मारेगा तुझे तेरी मां की कसम है| इससे यह पता चलता है कि जितना विशनी  मानक को बचाना चाहती है उतना उस सिपाही को भी| उसका दिल दोनों के लिए एक है| अतः बिकनी में किसी विशनी ही की मां को ढूंढा जा सकता है |

Q 6. एकांकी और नाटक में क्या अंतर है ?

 

Ans. एकांकी और नाटक में अंतर निम्नलिखित है 

एकांकी में एक ही अंक होते हैं उस 1 अंक में अधिक से अधिक दृश्य होते हैं एकांकी में एकल कथा होती है एकांकी में जरूरी स्थितियों को ही करने की कोशिश की जाती है|

इसमें एक से अधिक अंक होते हैं और प्रत्येक अंक कई देशों में बटा होता है नाटक आकार की दृष्टि से छोटा होता है नाटक में देश काल और वातावरण को थोड़े विस्तार से बताया जाता है |Sipahi Ki Maa Subjective Question

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